यदि आप भी इस उलझन में हैं की गर्भावस्था के दौरान दही खाना चाहिए या नहीं? खाएं तो कितना दही खाएं? कब खाएं? तो यह लेख पढ़ें और अपने सवालों पर विराम लगाए।

दही के पोषक तत्व
दही पानी से भरपूर तो होता ही है साथ ही साथ इसमें कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैटी एसिड्स, सुगर, मिनरल्स जैसे कैल्शियम,पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, सोडियम,जिंक, विटामिंस जैसे राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन बी 6, ए, ई, डी आदि भी होते हैं।

प्रेगनेंसी में दही खाने के फायदे

  • दही प्रोबायोटिक्स युक्त होता है जिसके कारण यह पाचन को ठीक रखने से साथ साथ प्रेगनेंसी में होने वाली एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या को काफी ठीक रखता है।
  • दही में पाए जाने वाले प्रोबायोटिक्स इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुणयुक्त होते है जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है। ये आतों के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।
  • दूध से निर्मित होने के कारण दही में कैल्शियम भी प्रचुर होता है जो आपकी हड्डियों को मजबूत रखने के साथ साथ भ्रूण की हड्डियों के विकास में सहायक होता है।
  • शोध के अनुसार दही में एंट्रीहाइपरटेंसिव गुण भी होता है जो उच्च रक्त चाप को नियंत्रित करने में सहायक है।
  • दही वजन को संतुलित रखने के साथ-साथ आपके मूड स्विंग्स को भी सही करता है।
  • दही त्वचा के लिए भी काफी अच्छा होता है। प्रेगनेंसी में अक्सर खुजली या त्वचा शुष्क हो जाती है। ऐसे में आप दही का मास्क लगा सकती हैं।

कब और कितने दही का सेवन करे
ध्यान रहे की हमेशा पाश्चराइज्ड दूध से बने दही का ही सेवन करें।
गर्भावस्था में दिनभर में 3 सर्विंग स्पून दही खा सकती है। यह मात्रा गर्भवती के स्वास्थ्य के अनुरूप काम या ज्यादा हो सकती है।

क्या दही का सेवन करने से कुछ नुकसान भी हैं?
वैसे तो गर्भावस्था में दही खाने से कोई नुकसान नही है परंतु दही खाते समय निम्न बिंदुओ पर ध्यान दें –

  • हमेशा पाश्चराइज्ड दूध से निर्मित दही खाए क्यूंकि अनपाश्चराइज्ड दूध से निर्मित दही में हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाते हैं।
  • लो फैट दही या मलाई निकले हुए दूध से निर्मित दही खाए जिससे आपका वजन संतुलित रहे।
  • यदि आपको दही खाने के बाद एसिडिटी आदि की समस्या होती है तो कृपया इसका सेवन न करें।

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